Scientific Socialism: हमसफ़र
ए हमसफ़र, तू मेरी चिंता ना कर,
सही मंज़िल तो ढूँढ, निकल पड़ रास्ते पर!
पाएगा मुझे खुद ब खुद अपने साथ मे,
रास्ते कई हैं, पर उसी मंजिल में!
शोषण विहीन मानव समाज!
ए हमसफ़र, तू मेरी चिंता ना कर,
सही मंज़िल तो ढूँढ, निकल पड़ रास्ते पर!
पाएगा मुझे खुद ब खुद अपने साथ मे,
रास्ते कई हैं, पर उसी मंजिल में!
शोषण विहीन मानव समाज!
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