Wednesday, 21 June 2017

कुमार विश्वास: भारत की हार पर पटाखे फोड़ने वाले जाहिल मरने के बाद दफ़्न होने पाक जाएँगे या यहीं मादर ए वतन की मिट्टी में कीड़े फैलाएँगे?

कुमार विश्वास पूंजीवाद का एक प्यादा है, विचार और काम से भी! कविता लिखना और पढ़ना इसका व्यवसाय है और इसमे निपुण भी है! ऐसे सैकड़ों खिलाडी, फिल्म कलाकार, फनकार, लेखक, गायक, आदि हैं जो अपने कला का उपयोग कर पूंजी की सेवा करते हैं, ऐशो आराम की जिंदगी गुजारते हैं और फिर जनता की भी बात करते हैं!
इनका उपयोग पूंजीवाद और उसके चाकर बखूबी करते हैं और मेहनतकश आवाम की एकता और संघर्ष को तोड़ने में करते हैं! सावधान इन बहुरूपियों से!
पूरी खबर पढ़ें:
http://boltahindustan.com/those-who-never-listen-the-scream-of-pehlu-khan-and-zafarare-now-listening-sound-of-crackers/#comment-3710 चैंपियन ट्राफी में भारत को मिली हार व पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को मिली जीत ने अफवाहबाजों को नफरत फैलाने का एक मौका दे दिया है।
क्रांति का रास्ता ना ही आसान है, ना ही असंभव ! क्रन्तिकारी विचारों से लैश हों, जाति, धर्म, देशवाद, व्यक्तिवाद से मुक्त हो, परजीवियों को ख़त्म करें!

और भी पढ़ें:
But the families say they weren’t celebrating at all, and that the arrests were a conspiracy to target the Muslims as they didn’t vote for the ruling Bharatiya Janata Party (BJP). http://www.hindustantimes.com/india-news/sedition-charge-will-ruin-our-lives-say-families-of-15-arrested-for-celebrating-pakistan-win/story-bkQLGS4FLaGRruiwkSnuTJ.html
यदि यह खबर सच हो तो यह पूंजी का प्यादा क्या करेगा? इन नवजवानों, नाबालिग युवकों के जीवन को बर्बाद करने में इसका भी हाथ होगा, जो "Political Revolution has begun" का प्रणेता है!

भगत सिंह जिंदाबाद!

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