भारत जल रहा है. पूंजीवाद अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर है, पर इस सडांध को बचाने के लिए वह हर घृणित काम कर रहा है.
मजदूर वर्ग को विभाजित करने का हर हथकंडा, जैसे धर्म और जाति के आधार पर उनके बीच घृणा पैदा करना, दंगा करवाना.
बेरोजगारी चरम सीमा पर है, पर मीडिया को वह नहीं दिखता. इज़राईल के प्रधानमंत्री नेतान्याहू को किस चीज की चटनी खिलाई जा रही है, या उत्तरी कोरिया को अमेरिका कैसे परास्त करेगा या हिंदू मुस्लिम दंगा कैसे फलाया जाय ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दा है.
( इस बीच 31 मार्च को दिल्ली के संसद मार्ग में एसएससी में धांधली और भ्रष्टाचार से पीड़ित हज़ारों छात्र युवा सरकार के सामने अपनी मांग रखते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इसका नाम दिया गया है 'युवा हल्ला बोल'! पर यह कॉर्पोरेट मिडिया को दिखाई नहीं देगी.)
मजदूर वर्ग को विभाजित करने का हर हथकंडा, जैसे धर्म और जाति के आधार पर उनके बीच घृणा पैदा करना, दंगा करवाना.
बेरोजगारी चरम सीमा पर है, पर मीडिया को वह नहीं दिखता. इज़राईल के प्रधानमंत्री नेतान्याहू को किस चीज की चटनी खिलाई जा रही है, या उत्तरी कोरिया को अमेरिका कैसे परास्त करेगा या हिंदू मुस्लिम दंगा कैसे फलाया जाय ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दा है.
( इस बीच 31 मार्च को दिल्ली के संसद मार्ग में एसएससी में धांधली और भ्रष्टाचार से पीड़ित हज़ारों छात्र युवा सरकार के सामने अपनी मांग रखते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इसका नाम दिया गया है 'युवा हल्ला बोल'! पर यह कॉर्पोरेट मिडिया को दिखाई नहीं देगी.)
सर्वहारा क्रांति ही रास्ता है फासीवाद (पूंजीवाद की सबसे घृणित और हिंसात्मक रूप) को ध्वस्त करने के लिए और समाजवाद का निर्माण करने के लिए! ताकि ऐसा समाज बन सके जहाँ सबको रोजगार मिल सके, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा मिल सके, सबको आवास मिल सके.
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